उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को लेकर चार दिनों से चल रही सुनवाई के दौरान गुरुवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन हटाने का ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। हाईकोर्ट ने 18 मार्च की स्थिति को बरकरार रखते हुए 29 अप्रैल को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय कर दी है। इस फैसले के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत दोबारा सीएम माने जायेंगे। 9 बागी विधायकों की सदस्यता पर संकट पर भी संकट बरकरार है। कोर्ट बागी विधायकों की सदस्यता पर सुनवाई 23 अप्रैल को करेगी। बता दें कि बुधवार को तीसरे दिन की सुनवाई के दौरान केंद्र के अधिवक्ता एडिसनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यह कोई इस्पेक्टर का आदेश नहीं राष्ट्रपति का आदेश है। राष्ट्रपति का लंबा अनुभव है, उन्होंने काफी सोच समझकर ही उत्तराखंड में धारा 356 लागू की। जवाब में चीफ जस्टिस केएम जोजफ ने कहा था कि राष्ट्रपति के साथ जज भी गलती कर सकते हैं। भारतीय न्यायपालिका में दोनों के फैसलों को चुनौती दी जा सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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