आज संकटमोचन संगीत समारोह में भाग लेंगे गुलाम अली
(India)

गजल के मशहूर फनकार उस्ताद गुलाम अली सोमवार को बनारस पहुंचे। मंगलवार की शाम वह संकटमोचन संगीत समारोह में गजल और गीत पेश करेंगे। यह लगातार दूसरा साल होगा जब गुलाम अली इस समारोह में शिरकत करेंगे। उन्हें पिछली बार दर्शकों-श्रोताओं से मिला प्यार याद है। उसे उन्होंने सोमवार शाम होटल गेटवे में मीडिया से चंद मिनट की मुलाकात में तरोताजा किया और कहा कि इस शहर में मोहब्बत का पैगाम बांटने आया हूं। उम्मीद है, यह पैगाम दूर तक जायेगा। गुलाम अली ने कहा, एक फनकार के नाते मेरा काम है मोहब्बत बढ़ाना। मेरी हमेशा से यह ख्वाहिश रही है कि मोहब्बत दिलों के बीच बढ़े, दो मुल्कों के दरम्यान उसकी रंगत घनी हो। पिछले साल आये गजल गायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत-पाक के बीच दोस्ताना संबंध मजबूत होने की उम्मीद जताई थी। सवाल उठा कि उनकी उम्मीद कहां तक पूरी हुई दिख रही है? गुलाम अली ने कहा कि चंद बड़ी ताकतें हैं जो दोनों मुल्कों के दरम्यान सहज संबंध नहीं चाहतीं। वे रोड़ा अटकाती हैं। ये ताकतें दोनों ओर हैं। पटियाला-घराने के इस नामचीन फनकार ने अपने अंदाज में कहा-‘मेरी दरख्वास्त है कि सुरों को गलत अंदाज में न पेश किया जाए।’ उनका संकेत था कि गलत बातों का राजनीतिक अर्थ न निकाला जाए। गुलाम अली से मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होने जा रही सचिवस्तर की वार्ता से उम्मीद के बाबत सवाल पूछा गया। उन्होंने संक्षिप्त जवाब दिया कि उम्मीद करता हूं कि अच्छा हो। अच्छा होता चले। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आदमी के लिए इंसान होना मुश्किल नहीं है। बस कोशिश होती रहे और मोहब्बत बढ़ती रहे।

Author: JAN TV Editorial Team

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