पालकोट वन आश्रयणी क्षेत्र के सोलगा गांव में एक जंगली भालू मृत अवस्था में पाया गया। वन विभाग के अनुसार शुक्रवार की रात यह जंगली भालू प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश में सोलगा गांव की ओर आया था। इसी दौरान सोलगा पुल के पास एक दोईन के गड्डे में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गयी। सुबह ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो मृत भालू को गड्डे से बाहर निकाला। मौके पर किसी कर्मी के मौजूद न होने पर कुछ लोग मृत भालू का अंग काटकर ले गए। इसके बाद पालकोट रेंजर निरंजन प्रसाद, मंगलदेव भगत व अन्य वनकर्मी सोलगा पहुंचे। भालू के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेजा। 1990 में पालकोट वन आश्रयणी क्षेत्र घोषित किया गया था। मगर यह सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया। इस भीषण गर्मी में जानवरों के पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं किया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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