बीपीओ कर्मचारियों की डीजल गाड़ियों को मिलेगी छूट
(India)
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली एनसीआर में बीपीओ कर्मचारियों को लाने ले जाने के लिए प्रयोग की जाने वाली ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की डीजल टैक्सियों को छूट देने पर राजी हो गया। लेकिन कोर्ट ने दिल्ली सरकार, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकार(एपका) और टैक्सी आनर्स संघ से कहा कि वे डीजल टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए ठोस खाका पेश करें। कोर्ट इस मामले में मंगलवार को 3.30 बजे सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने यह सहमति केंद्र सरकार की अर्जी पर सोमवार को दी। अर्जी में केंद्र सरकार ने कहा था कि एनसीआर में डीजल टैक्सियों पर पूर्ण बैन से फलते फूलते काल सेंटरों के बीपीओ बिजनेस पर विपरीत असर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो बीपीओ कंपनियां अपना बिजनेस देश से बाहर ले जा सकते हैं। पीठ ने कहा कि यह अजीब बात है कि आल इंडिया टूरिस्ट परमिट की टैक्सियों दिल्ली एनसीआर में यात्रियों को प्वाइंट टू प्वाइंट ले जाने के लिए प्रयोग की जा रही हैं। जबकि ये परमिट एनसीआर से बाहर पर्यटन के लिए जाने के लिए दिया जा गया है। कोर्ट ने कहा कि बीपीओ कंपनियां सीएनजी बसों का प्रयोग क्यों नहीं करते। कोर्ट ने कहा कि हम मानते हैं कि डीजल कारें पेट्रोल कारों से ज्यादा प्रदूषण करती हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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