मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नई तबादला नीति वर्ष 2016-17 को मंजूरी दे दी गई। नई तबादला नीति के अनुसार मंत्री और विभागाध्यक्ष 30 जून तक अपने-अपने विभाग के 10 फीसदी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले कर सकेंगे। जिले में छह साल और मंडल में दस साल पूरे करने वाले अफसर और कर्मचारी हटेंगे। देर रात मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नई तबादला नीति का शासनादेश भी जारी कर दिया। तबादला नीति की खास बात यह है कि आईएएस, पीसीएस और आईपीएस व पीपीएस अधिकारी तथा सचिवालय कर्मचारी इस नीति के दायरे में नहीं आएंगे। आईएएस, पीसीएस, आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री कभी भी प्रशासनिक आधार पर कर सकेंगे। तीस जून के बाद मुख्यमंत्री की अनुमति से ही तबादले होंगे। हालांकि तबादलों की अंतिम तारीख चुनावी साल के कारण 15 जुलाई तक बढ़ाई भी जा सकती है। क्लास वन के अधिकारियों के मंत्री और क्लास टू के अधिकारियों के तबादले विभागाध्यक्ष कर सकेंगे। तबादलों के लिए अवधि का निर्धारण करने के लिए कट आफ डेट 31 मार्च 2016 मानी जाएगी। खास बात यह है कि चुनावी साल में मंत्री ज्यादा अधिकार मिलने की आस लगाए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मंत्रियों की महत्वाकांक्षा कहीं चुनावी साल में सरकार की छवि पर असर न डाल दे, इसलिए कैबिनेट में तबादला नीति को पुराने स्वरूप में ही लागू करने का फैसला किया गया। हालांकि मंत्रियों को नीति में इतनी छूट दी गई है कि कोई मंत्री अपने विभाग के हिसाब से तबादला नीति में कुछ बदलाव कराना चाहेगा तो वे मुख्यमंत्री के पास प्रस्ताव भेजकर उसे मंजूर करा सकेंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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