मेडिकल एवं डेंटल कोर्स में प्रवेश के लिए राज्यों को नीट (एनईईटी) से एक साल के लिए छूट देने वाली केंद्र सरकार के अध्यादेश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। अपनी चार दिनों की चीन यात्रा से पहले राष्ट्रपति ने अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी सवालों के समाधान के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने आज सुबह इस अध्यादेश को लागू कर दिया। नीट के संदर्भ में राष्ट्रपति ने स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर जवाब देने के लिए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी आज सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति सचिवालय में मौजूद थे। इसके साथ ही राज्यों को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से एक साल के लिए राहत मिलेगी, जिसमें सभी सरकारी कॉलेज, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी मेडिकल कॉलेज नीट के दायरे में आ गए थे। राष्ट्रपति मुखर्जी ने राज्य बोर्डों को समान चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के दायरे से बाहर रखने के एक अध्यादेश पर स्वास्थ्य मंत्रालय से कुछ बिंदुओं पर और जानकारी तथा स्पष्टीकरण मांगा था। और अधिक जानकारी की जरूरत स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को बताई गई, इस पर उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें अध्यादेश लाने की जरूरत के बारे में बताया। मुलाकात आधे घंटे से ज्यादा चली, जिसमें मंत्री ने राष्ट्रपति को राज्य बोर्डों की विभिन्न परीक्षाओं, पाठ्यक्रम तथा क्षेत्रीय भाषाओं के तीन मुद्दों पर जानकारी दी। राष्ट्रपति ने पहले नड्डा के मंत्रालय से राज्यों के बोर्डों को नीट के दायरे से बाहर रखने के लिए अध्यादेश का मार्ग अपनाने के कारण पूछे थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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