वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संविधान में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की अधिकतम दर को निर्धारित करने की कांग्रेस की मांग को आज खारिज करते हुये कहा कि सभी राज्यों ने जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक का आमतौर पर समर्थन किया है। जेटली ने राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बैठक के बाद कहा कि सभी राज्यों ने आमतौर पर इस विधेयक का समर्थन किया है। सिर्फ तमिलनाडु ने कुछ आपत्तियां जतायी है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किये जाने से पहले केन्द्र और राज्यों के दोहरे नियंत्रण एवं राजस्व निरपेक्ष दर (आरएनआर) को तय करने जैसे मुद्दों का समाधान किया जाना है। उन्होंने कहा कि जुलाई में फिर से राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलायी जायेगी और उसमें इन दोनों मुद्दों का सुलझाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जहां तक पहले तीन वर्षों के लिए एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाने का मुद्दा है तो इस पर वह पहले की कह चुके हैं कि इसको लेकर लचीला रुख अपनाया जा सकता है। जीएसटी दर को संविधान में शामिल किये जाने की कांग्रेस की मांग के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि सभी राज्यों ने इसका विरोध किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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