मथुरा हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव की मौत को लेकर एक बार फिर सवाल उठा है. मथुरा की एक अदालत ने रामवृक्ष की मौत पर शक जाहिर करते हुए पुलिसिया जांच को नाकाफी बताया है. दरअसल मथुरा की एजडीजे कोर्ट ने रामवृक्ष की मौत पर संदेश की लकीर खींच दिया है. कोर्ट ने मथुरा पुलिस की शिनाख्त रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने रामवृक्ष के शव को उसके परिजनों द्वारा पहचान नहीं कराए जाने से शिनाख्त रिपोर्ट का मानने से इंकार कर दिया. मौत की पुष्टि के तरीके पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने रामवृक्ष के शव का डीएनए जांच कराने का आदेश दिया है. इसको लेकर कोर्ट ने बकायदा मथुरा पुलिस और सीएमओ को आदेश जारी किया है.आपको बता दें कि मथुरा हिंसा के दौरान रामवृक्ष के मारे जाने की खबर आई थी, और शव को रामवृक्ष के सहयोगी हरिनाथ ने शिनाख्त की थी. पुलिस के मुताबिक रामवृक्ष के जले हुए शव का फोटो दिखाकर शिनाख्त कराई गई थी. शिनाख्त करने वाला रामवृक्ष का सहयोगी हरिनाथ सिंह फिलहाल जेल में बंद है और जेल से ही इसने शव की शिनाख्त की थी. कोर्ट ने गाजीपुर से रामवृक्ष के परिजनों को बुलाकर शव का शिनाख्त नहीं कराने पर सवाल उठाया है.
Author: JAN TV Editorial Team
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