शुद्ध गंगाजल की पैकेजे के सरकार के फैसले पर जहां विपक्ष कई सवाल खड़े कर रहा है वही गंगा के घाटों की जमीनी हकीकत बेहद परेशान करने वाली तस्वीर पेश कर रही है। हाजीपुर में जिस जगह महज 07 दिन पहले केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने नमामि गंगे की शुरुआत की थी उससे महज चंद कदमो की दूरी पर दिन के उजाले में घरों से निकलने वाला मैला सीधे गंगा में डाला जा रहा है। टैंकरों से भरा शौचालय का मैला सीधे गंगा में डालने की तस्वीर बता रही है कि गंगा को साफ़ करने के दावों के सामने किस तरह की चुनौती है। टैंकरों में भरे मैले को जब हमारे कैमरे ने कैद किया तो टैंकर मालिक और ड्राइवर गाडी छोड़ फरार होने लगे। फिर कैमरे की नजर से बचने के लिए के लिए आनन फानन में गाडी लेकर भागने लगे। इस बिच जब ठेकेदार से नदी में सीधे मैला डालने की वजह जननी चाही तो जनाब हर पैंतरा आजमाने लगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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