पाकिस्तान ने कश्मीर को कभी शुभकामना का नहीं, केवल हथियारों और आतंकवाद का निर्यात किया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां यह बात रविवार को कही। सुषमा ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कहते हैं कि कश्मीर के लोगों के साथ उनकी शुभकामना है। दुख की बात है कि यह पाकिस्तान की शुभकामना या नैतिक या कूटनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि हथियार एवं आतंकवाद है जिन्हें जम्मू एवं कश्मीर को निर्यात किया गया है।’’ सुषमा स्वराज ने जब इस बयान को पढ़ा तो उनके साथ विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह और एमजे अकबर मौजूद थे। विदेश मंत्री स्वराज की सख्त शब्दों वाला बयान तब आया, जब शरीफ ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद कहा कि पाकिस्तानी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब जम्मू एवं कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा। लंदन से मई में दिल का ऑपरेशन कराके लौटे शरीफ की यह पहली जनसभा थी। इसमें उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद कश्मीरियों से कहा, ‘‘वे भारत के कश्मीर में उनलोगों को नहीं भूलें जो अपनी आजादी के लिए आंदोलन में अपना जीवन कुर्बान कर रहे हैं।’’ पाकिस्तान के अखबार डॉन ने शरीफ के हवाले से लिखा है, ‘‘उनकी आजादी के आंदोलन को रोका नहीं जा सकता और यह सफल रहेगा। आप जानते हैं कि उन्हें किस तरह से पीटा जाता है और हत्या की जाती है। हमारी सारी दुआ उनके साथ है। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब कश्मीर पाकिस्तान हो जाए।’’ अपने बयान में सुषमा ने कहा कि ‘‘पाकिस्तान का गंदा पैसा, खतरनाक आतंकी और धोखेबाज सरकारी संस्थाएं क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए चीख रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी और का नहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान इस घिनौने षड्यंत्र को प्रदर्शित करता है। लेकिन मैं यह फिर दोहराना चाहूंगी कि पाकिस्तान का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।’’ विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सहित वहां के नेतृत्व ने वांछित आतंकी वानी की शहीद के रूप में सराहना की है। उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम था, क्योंकि उसने स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और सुरक्षा कर्मियों की हत्या जैसे जघन्य अपराध किए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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