जनगणना 2011 की रिपोर्ट ने प्यू रिसर्च सेंटर के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भारत में नास्तिकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। सेंसेस-2011 के नए आंकड़ों के मुताबिक भारत की 120 करोड़ से ज्यादा की आबादी में सिर्फ 33,000 लोग खुद को नास्तिक मानते हैं यानी के देश में फिलहाल सिर्फ 0.0027 फीसदी जनता नास्तिक है नास्तिक लोगों के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है, यहां 9,652 लोगों ने खुद को नास्तिक घोषित किया है। दूसरे नंबर पर मेघालय (9089) और तीसरे पर केरल (4896) है। आश्चर्य की बात ये है कि पश्चिम बंगाल जैसे कम्युनिस्ट सरकारों का इतिहास रखने वाले राज्य में सिर्फ 784 लोगों ने खुद को नास्तिक बताया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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