रियो ओलंपिक 2016 में भारत का खाता खुलवाने वाली रेसलर साक्षी मलिक कांस्य पदक जीतकर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी 12 साल की तपस्या का फल है। साक्षी मलिक ने कुश्ती में मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह रेसलिंग में पदक जीतने वालीं पहली महिला हैं और ओलंपिक मेडल जीतने वालीं चैथी महिला हैं। मेडल जीतने पर आखों में खुशी के आंसू भरकर साक्षी ने कहा, ‘मेरी 12 साल की तपस्या रंग लाई। गीता दीदी, मेरी सीनयर ने पहली बार लंदन में इस खेल में क्वालिफाई किया था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं ही वह पहली महिला बनूंगी जो भारत के लिए रेसलिंग में मेडल जीतकर लाउंगी। मैं आशा करती हूं कि बाकी खिलाड़ी भी अच्छा करेंगे।’ साक्षी हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। 23 साल की साक्षी ने 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। सक्षी ने 2014 में ही एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था। साक्षी के जीतते ही भारत के लोगों में भी खुशी की लहर दौड़ गई थी। साक्षी के घरवाले जश्न मनाते देखे जा सकते थे। साक्षी की मां काफी खुश थी उन्होंने बताया कि साक्षी को मेडल जीतने की पूरी उम्मीद थी। सोशल मीडिया पर भी लोग साक्षी को बधाई दे रहे थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी थी। मोदी ने लिखा था, ‘साक्षी मलिक ने इतिहास रच दिया। कांस्य पदक के लिए उन्हें बधाई। पूरा देश काफी खुश है।’
Author: JAN TV Editorial Team
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