उत्तरी कश्मीर के उरी शहर में रविवार (18 सितंबर) सुबह भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक बटालियन मुख्यालय पर हमला कर दिया जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए हैं। इसके साथ ही चार आतंकवादी भी मारे गए हैं। इन हमलों के बारे में डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने बताया कि उरी हमले के पीछे विदेशी आतंकियों का हाथ है। शुरुआती रिपोर्ट जैश ए मोहम्मद के शामिल होने का इशारा करती है। 4 आतंकियों के मारे जाने की जगह से चार एके-47, 4 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर्स और काफी सामान बरामद किया गया है। टैंट में आग के चलते 13-14 लोग मारे गए। इस संबंध में पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ से भी बात की गई है। आतंकियों के पास से जो सामान बरामद हुआ है उस पर पाकिस्तान के निशाने हैं। डीजीएमओ ने भरोसा जताया कि भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब चार बजे हुए आतंकी हमले के साथ ही विस्फोटों की आवाज सुनाई दी और मुठभेड़ शुरू हो गई। हमले की चपेट में आया स्थल यहां से 102 किलोमीटर और सेना के ब्रिगेड मुख्यालय से कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित है। सूत्रों ने बताया कि हमले के समय डोगरा रेजीमेंट के जवान एक तंबू में सोए हुए थे जिसमें विस्फोट के चलते आग लग गई। आग पास स्थित बैरकों तक भी फैल गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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