गोवा में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हम इस बात से सहमत हैं कि हिंसा और आतंक को पोषित करने, शरण देने, समर्थन देने और प्रायोजित करने वाले लोग हमारे लिए उतने ही खतरनाक हैं जितने कि आतंकवादी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने गोवा घोषणापत्र को पारित किया है जिसमें हमारे सहयोग के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश किया गया है। ब्रिक्स के घोषणा-पत्र में आतंकवाद की निंदा की गई है। इसमें भारत में हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की गई और कहा किसी भी रूप में आतंकवाद स्वीकार नहीं है। पीएम मोदी ने कहा, हम इस बात को लेकर एकमत थे कि आतंकवाद, अतिवाद और कट्टरता क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और आर्थिक समद्धि के लिए खतरा हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना हमारी बातचीत का दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु रहा। गोवा में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2016 के पूर्ण अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद हमारे विकास और आर्थिक समृद्धि पर एक लंबी छाया की तरह है और यह अधिक घातक हो गया है। ब्रिक्स देशों को कर चोरी, धनशोधन और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए अपने संसाधनों को साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद को मात देने के लिए अपने दम पर और सामूहिक रूप से कार्रवाई करने की जरूरत है। आतंकवाद के खिलाफ भेदभावपूर्ण रूख ना केवल व्यर्थ होगा बल्कि नुकसान का सौदा भी होगा। आतंकवादियों का वित्त पोषण, उन्हें हथियारों की आपूर्ति, प्रशिक्षण और राजनीतिक मदद व्यवस्थित रूप से बंद की जानी चाहिए। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में हम साझेदारी के 10 साल का जश्न मना रहे हैं और इसमें मजबूत साझेदारी का रिश्ता बना है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता से भरी दुनिया में ब्रिक्स शांति एवं उम्मीद का प्रकाशपुंज है। इससे पहले ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने भारत में व्यापार करने के तरीकों को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं और उसके नतीजे साफ दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि हम ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल पर भरोसा करते हैं। हमें यकीन है कि हम व्यापार को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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