न्यायाधीशों की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार
(India)
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोलेजियम की सिफारिशों के बावजूद उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा सरकार की खिंचाई करते हुए कहा, आप न्यायपालिका को काम करने से पूरी तरह से नहीं रोक सकते। प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, सरकार से कहा अदालती कक्ष बंद हैं। क्या आप न्यायपालिका को बंद करना चाहते हैं। पीठ ने कहा कि मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) को अंतिम रूप नहीं दिए जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया ठप नहीं हो सकती। अदालत ने न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने की धीमी रफ्तार की आलोचना की। साथ ही चेतावनी दी कि वह तथ्यात्मक स्थिति पता करने के लिए पीएमओ और विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिवांे को तलब कर सकती है। पीठ ने कहा, कोई गतिरोध नहीं होना चाहिए। आपने एमओपी को अंतिम रूप दिए बगैर जजों की नियुक्ति संबंधी फाइलों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। एमओपी को अंतिम रूप देने का न्यायपालिका में नियुक्ति प्रक्रिया के साथ कोई लेना देना नहीं है। अदालत ने कहा, कर्नाटक हाईकोर्ट के कई कक्ष बंद हैं क्योंकि कोई जज नहीं है।

Author: JAN TV Editorial Team

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