पिछले एक सप्ताह से प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली में कृत्रिम वर्षा (क्लाउड-सीडिंग) कराने के विकल्प पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके लिए वह केंद्र सरकार से बात करेंगे। रविवार को दिल्ली में फैले वायु प्रदूषण को लेकर कैबिनेट की आपात बैठक में केजरीवाल सरकार ने कुछ बड़े फैसले लिए। इनमें लोगों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए राज्य में निर्माण कार्य और डीजल वाले जेनरेटर सेट पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। केजरीवाल ने सभी लोगों से इस समस्या के समाधान में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर इस समस्या का समाधान निकालेंगे। सूखे के समय देश में पहले भी कई बार कृत्रिम बारिश कराई जा चुकी है। ऐसा पहली बार होगा जब प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए इस पर विचार होगा। कृत्रिम बारिश का मतलब खास तरह की उस प्रक्रिया से है जिसके जरिये बादलों की भौतिक अवस्था में आर्टिफशल तरीके बदलाव लाया जाता है जो इसे बारिश के अनुकूल बनाता है। यह प्रक्रिया क्लाउड सीडिंग कहलाती है। बादल पानी के बहुत छोटे -छोटे कणों से बने होते हैं। जो कम भार की वजह से खुद ही पानी की शक्ल में जमीन पर बरसने में पूरी तरह सक्षम होते हैं। कभी-कभी किसी खास परिस्थितियों में जब ये कण इकट्ठे हो जाते हैं, तब इनका आकार और भार अच्छा खासा बढ़ जाता है। तब ये ग्रेविटी के कारण धरती पर बारिश के रूप में गिरने लगते हैं। बादल का एक छोटा सा टुकड़ा अपने भीतर तकरीबन 750 क्यूबिक किलोमीटर पानी समेटे रखता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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