राजधानी में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इन शवों के अंतिम संस्कार के लिए पुलिसकर्मियों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ते हैं। यह तथ्य सामने आने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सभी संबंधित निकायों से इस समस्या का ठोस समाधान करने को कहा है। जस्टिस बीडी अहमद और जयंतनाथ की पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह क्या बकवास है। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि लावारिस शव के अंतिम संस्कार में जांच अधिकारी को अपनी जेब से खर्च करने पड़ते हैं और यह प्रथा सालों से चली आ रही है। लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए कोई कानून नहीं है तो नगर निगम सहित सभी निकाय बैठक कर इसका समाधान कोर्ट में पेश करें। पीठ ने कहा है कि इसके बाद ही उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार ने पीठ को बताया कि यह तय किया गया है कि अलग से मृत्यु समीक्षक अधिनियम को आगे नहीं बढ़ाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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