पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबन्ना भवन के पास स्थित टोल प्लाजा पर सेना के जवान तैनात करने पर भारतीय सेना ने शुक्रवार को चार पत्र जारी किए हैं। पत्र जारी करके सेना ने कहा कि हमने रूटीन अभ्यास के बारे में पश्चिम बंगाल पुलिस को बताया था। सेना ने बताया कि ये पत्र कोलकाता पुलिस सहित अन्य पदस्थ अधिकारियों को भेजे गए थे। वहीं कोलकाता पुलिस का कहना है कि हमने सेना के पत्र का जवाब 25 नवंबर को दिया। जिसमें हमने उच्च सुरक्षा जोन और ट्रैफिक के मुद्दे को उठाया था। कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी-3 ने बताया, ‘हमने 25 नवंबर को पत्र का जवाब देते हुए कहा था कि उच्च सुरक्षा जोन और ट्रैफिक होने की वजह से यहां अभ्यास संभव नहीं है। आप हमसे परामर्श के बाद दूसरी जगह ढूंढ़ सकते हैं।’ सेना द्वारा कोलकाता पुलिस को भेजे पत्रों में सहयोग की अपील की गई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस दावा कर रही हैं कि नोटबंदी पर टीएमसी का विरोध करने पर पूरे प्रदेश में नाकों पर सेना तैनात कर दी गई। सेना द्वारा जारी किए गए पत्रों से पहले मेजर जनरल सुनील यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि सभी जरूरी विभागों को इस अभ्यास के बारे में बताया गया था और मंजूरी ली गई थी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सब अभ्यास के एक सप्ताह पहले 24 नवंबर को किया गया था। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया, ‘लोड कैरियर्स के बारे में आंकड़े हासिल करने के लिए सेना द्वारा देशभर में किए जाने वाले द्विवार्षिक अभ्यास को लेकर चिंतित होने की कोई वजह नहीं है। सेना ने ऐसा ही अभ्यास 26 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में किया था।’
Author: JAN TV Editorial Team
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