जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट की राज्य को एक “संप्रभु” राज्य समझने पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारतीय संविधान से ऊपर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर को यह टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा “इसमें कोई दो राय नहीं कि जम्मू और कश्मीर के पास भारतीय संविधान से इतर दी गई कोई संप्रभु शक्तियां मौजूद हैं जो उसे भारतीय संविधान या फिर जम्मू और कश्मीर के संविधान से ऊपर बताती हों”। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जोजेफ कुरियन और जस्टिस रोहिंटन नरीमन की पीठ ने कहा कि राज्य में लोगों के लिए शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले भारतीय संविधान और फिर राज्य के अपने संविधान का सहारा लिया जाता है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर के संविधान को भारतीय संविधान के बराबर मानना गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी लोगों को भारत का नागरिक बताया और कहा कि जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट का राज्य को एक संप्रभु ताकत समझना गलत है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह काफी परेशान करने वाली बात है कि जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट ने एक याचिका में सुनवाई के दौरान अपने फैसले के कुछ हिस्सों में जम्मू और कश्मीर को एक संप्रभु राज्य समझा है। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना और जम्मू और कश्मीर संविधान के सेक्शन 3 का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है। कोर्ट ने भारतीय संविधान के आर्टिकल 1 और जम्मू और कश्मीर के सेक्शन 3 का हवाला देते हुए कहा कि भारत राज्यों का समूह है और कश्मीर उसका अभिन्न अंग हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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