रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त मात्रा में मुद्रा उपलब्ध-जेटली
(India)
सरकार ने डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने को छोटे कारोबारियों के लिए नया एलान किया है। 2 करोड़ तक के लेनदेन पर छोटे कारोबारियों की अनुमानित आय 16 लाख मानी जाएगी। वहीं अगर ये कारोबारी कैशलेस या डिजीटल में भुगतान लेंगे तो इनकी अनुमानित आय 12 लाख मानी जाएगी। जेटली ने इसका एलान किया है। इसे आसान शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपने कैशलेस कारोबार किया तो आपको कम टैक्स देना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक नोटबंदी के लिए पूरी तरह से तैयार था। उसके पास पर्याप्त मात्रा में मुद्रा उपलब्ध है जो 30 दिसंबर के बाद भी चलेगा। बैंकों ती मिल रही शिकायत पर उन्होंने कहा कि बैंकों से कहा गया है कि वे गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। इससे पहले सोमवार को भी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक नोटिस में कहा कि कानून की धारा 44 एडी के तहत लाभ को कारोबार का आठ प्रतिशत माने जाने की मौजूदा दर को कम कर छह प्रतिशत करने का निर्णय किया गया है। यह 2016-17 के लिए बैंक चैनल (डिजिटल माध्यमों ) से प्राप्त कुल कारोबार या सकल प्राप्ति की राशि के संदर्भ में लागू होगा। कर विभाग ने यह भी कहा है कि कानून की धारा 44एडी के तहत उस स्थिति में जबकि कुल कारोबार या सकल प्राप्ति नकद में हासिल की जाती है तो कर लगाने के लिए लाभ को आठ प्रतिशत ही माना जाएगा। सरकार ने ताजा फैसला अर्थव्यवस्था में डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार करने वाले छाटे कारोबारियों और कंपनियों को प्रोत्साहन देने के मकसद से किया गया है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।