लोक सेवकों को मिले उपहारों पर अदालत की टिप्पणी
(India)
शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के इरादों पर पानी फेरते हुए जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया, तो उन्होंने नेताओं और सरकारी अधिकारियों के ‘तोहफे’ लेने की आदत पर भी सख्त संदेश दिया। अदालत ने कहा कि पब्लिक सर्वेंट खुद को मिले ‘तोहफों’ को कानूनी तरीके से की गई कमाई के अंतर्गत नहीं गिना सकते हैं। जस्टिस पिनाकी चंद्र घोसे और अमिताव रॉय ने कहा, ‘जयललिता को मिले तोहफे साफतौर पर गैरकानूनी और कानूनी रूप से वर्जित हैं। तोहफों को कानूनी तरीके से हासिल की गई आमदनी के रूप में दिखाने की कोशिश करना पूरी तरह से गलत है।’

Author: Kamal

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