चंबल के 2 करोड़ के इनामी डाकू ने दिया कैदियों को प्रवचन
(Etawah, Etawah) किसी जमाने में जिन पंचम सिंह ने हाथ में बंदूक थी, अब उनके हाथ में माला है और जुबान पर भगवान का नाम. यह कहानी है कि डाकू से राजयोगी बने पंचम सिंह की। उन पर हत्या, डकैती और अपहरण के सैकड़ों मामले दर्ज थे। गिरफ्तार हुए, जेल गए और फांसी की सजा सुनाई गई। पंचम सिंह 1970 की दशक के बहुत बडे बीहड़ के डकैत रहे इनके गिरोह में लगभग 550 सदस्य थे इन पर 2 करोड का इनाम घोषित हुआ था। इनका दस्यु जीवन लगभग 14 वर्ष से अधिक का बीता। सन 1972 में अपनी शर्तो पर आत्म समर्पण किया था । इनको फांसी की सजा सुनाई गई थी। जेल में 8 वर्ष सजा काटने के बाद ये ब्रहमकुमारी साध्वी दीदी के प्रवचन सुनकर उनसे प्रभावित होकर सात्विक जीवन अपनाया.
वही दूसरी इटावा जेल के अधिकारी ने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया वह कैदियों के कल्याण के लिए अलग-अलग कार्यक्रम कराए जाते है और साथ ही साध्वी ज्योति जो कि कैदियों के प्रवचन सुनाती है जिसमें उनका मुख्य उद्देश्य कैदियों को जीवन को बदलें और अपने जीवन का सुधार करें.

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