(Chhata, Mathura)
नंदगांव की लठमार होली को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए और भगवान कृष्ण-राधा की प्रेम स्वरुपी होली को देखकर आनंदित हो उठे. जन्मभूमि स्थित मंच पर राधा कृष्ण के स्वरुप के आते ही होली के हुरियारे और हुरियारिनों ने होली के गीतों पर जमकर ठुमके लगाये. वहीं दूसरी ओर उड़त गुलाल देख रावल से आए हुरियारे और हुरियारिन लाठियों के साथ मैदान में आ गए। फिर लाठियों की तड़तड़ाहट के बीच प्रिया-प्रियतम की होली का दौर शुरू हो गया. इस दौरान कोलकत्ता और दिल्ली आई श्रद्धालु के मुताबिक वह हर साल होली मनाते हैं लेकिन यहां होली मनाने और भगवान कृष्ण-राधा स्वरुपी होली को देखने का मजा ही कुछ और है. नंदगाव में होली खेलना हर बार की तरह की अलग होता है और एक अच्छा अनुभव होता है.
Author: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।