पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के फैसले को कांग्रेस की चुनौती
(India)
तकरीबन दो साल पहले मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के रक्षा मंत्री का पद संभाला था। अब वह रक्षा मंत्री का पद छोड़कर फिर से गोवा का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वह मंगलवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पर्रिकर ने गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार गठित करने के लिए सोमवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। वहीं कांग्रेस ने गोवा की राज्यपाल द्वारा मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। गोवा कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कवलेकर की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि पर्रिकर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस के वकील ने बताया कि सुप्उरीम कोर्ट पर्रिकर के शपथ लेने पर रोक की मांग वाली याचिका पर मंगलवार सुबह सुनवाई करने को सहमत हो गया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर के आवास पर शनिवार शाम याचिका दायर की गई और न्यायमूर्ति खेहर ने मंगलवार सुनवाई करने पर सहमति जताई। इस सिलसिले में विशेष पीठ का गठन किया गया है क्योंकि शीर्ष अदालत होली पर एक सप्ताह के अवकाश पर है। कांग्रेस की तरफ से दाखिल याचिका में मांग की गई है कि पर्रिकर को मुख्यमंत्री नियुक्त करने के राज्यपाल के फैसले को रद्द किया जाए। वकील देवदत्त कामथ की ओर से दायर याचिका पर वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी दलील पेश कर सकते हैं। इसमें केंद्र और गोवा को पक्षकार बनाया गया है।

राष्ट्रपति कायार्लय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत मनोहर पर्रिकर का मंत्रीपरिषद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

Author: Kamal

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