शहीद दिवस अब यहां रखी जाएगी 'शहीद-ए-आजम' भगत सिंह की पिस्तौल
(DELHI, DELHI) 1928 में जिस पिस्तौल से शहीद-ए-आजम भगतसिंह ने असिस्टेंट सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस जॉन पी सोंडर्स को गोली मारी थी, उसे अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित नए आर्म म्यूजियम में रखने का प्लान बना रही है। यहां इस पिस्तौल के साथ ऐसे ही कई हथियारों को देखा जा सकता है जिनका संबंध इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं से है।

वर्तमान समय में यह इंदौर के ही सेंट्रल स्कूल ऑफ वेपंस एंड टैक्टिक्स (सीएसडब्ल्यूटी) के पुराने संग्रहालय में अर्ध-स्वचालित 32 बोर पिस्तौल रखा हुआ है। इस बात की जानकारी सीमा सुरक्षा बल इंस्पेक्टर जनरल पंकज गूमर ने पीटीआई को दी। उन्होंने कहा कि बंदूक के अलावा "शहीद-ए-आजम" की जीवन कथा भी म्यूजियम में प्रदर्शित होगी।

इंस्पेक्टर जनरल ने बताया कि इस पिस्तौल को 7 अक्टूबर, 1969 को सात अन्य आग्नेयास्त्रों के साथ सीएसडब्ल्यूटी में पंजाब के फिलल स्थित पुलिस अकादमी से लाया गया था।

पुलिस अफसर ने बताया कि भगत सिंह की विरासत पर अध्ययन करने वाली एक शोध टीम ने इस पिस्तौल के बारे में जानकारी दी है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के परीक्षण से ये बात साबित हुई है कि ये पिस्तौल भगत सिंह की ही है।

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