ममता उस मिट्टी को पूजने आई हूं जहां मेरे बेटे ने अंतिम सांस ली'
(India) पांच साल पहले गोरी नदी में गिरकर लापता हो गए बेटे का अमेरिका में इंतजार कर रही बूढ़ी मां एलिजाबेथ ने आखिरकार मान ही लिया कि उसका लाड़ला अब कभी नहीं लौटेगा। हजारों किलोमीटर दूर से वह अपने इकलौते बेटे थॉमस को श्रद्धांजलि देने उत्तराखंड के मुनस्यारी पहुंची हैं। एलिजाबेथ का कहना है कि वह उस मिट्टी को पूजने आईं हैं जहां उनके बेटे ने अंतिम सांस ली
सितंबर 2011 में अमेरिका की ट्रैकिंग संस्था नोल्स के 18 ट्रैकरों का दल मुनस्यारी के नंदा देवी बेस कैंप के रास्ते में था। थॉमस इस दल में शामिल था। बारह दिन की ट्रैकिंग के बाद 22 सितंबर को जब यह दल वापस लौट रहा था तब मालछू के पास थॉमस का पैर फिसल गया। वह गोरी नदी में जा गिरा। बरसात से गोरी का बहाव तेज था। ऐसे में साथी उसे नहीं बचा पाए।

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