सुप्रीम कोर्ट सख्त सवा आठ लाख BS-3 वाहनों को सड़क पर आने से रोका
(DELHI, DELHI) सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 1 अप्रैल के बाद देश में बीएस 3 उत्सर्जन मानक वाले देश में नहीं बिक सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों का जीवन विनिर्माताओं के व्यावसायिक हितों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। 1अप्रैल से देश में बीएस 4 मानक लागू हो रहे हैं। कारखानों में तैयार खडे बीएस 3 वाहनों की संख्या 8.24 लाख है जिसमें से 6 लाख के करीब दे पहिया वाहन हैं।

जस्सटिस मदन लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने यह आदेश बुधवार को दिया। आटो कंपनियां बीएस 4 मानक 1 अप्रैल से लागू करने खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आई थी। इस मामले में सरकार ने भी कंपनियों का समर्थन किया था और कहा था कि उन्हें बीएस 3 वाले वहन बेचने दिए जाएं।

भारतीय कंपनियों और इसके डीलरों के पास बीएस-3 वाले दोपहिया वाहनों की कुल इन्वेंट्री 20 मार्च तक करीब 6.71 लाख थी। ज्यादातर ऐसे वाहन अग्रणी दोपहिया कंपनियों हीरो मोटोकॉर्प व होंडा मोटरसाइकल ऐंड स्कूटर इंडिया के पास हैं। इस स्टॉक में बजाज की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी है। हीरो के पास करीब 2.90 लाख वाहन थे वहीं एचएमएसआई के पास वाहनों की अनुमानित इन्वेंट्री करीब 2.5 लाख है। दोनों कंपनियां मार्च से पूरा उत्पादन बीएस-4 मानक वाले वाहनों की कर रही हैं।

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