हड़ताल पर जाने के बाद कई मीट कारोबारियों ने दूसरे धंधे शुरू कर दिए हैं। कुछ कारोबारियों ने चाय बेचना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर के रहने वाले नजाकत बताते हैं कि उनके पास बूचड़खाने का लाइसेंस था इसके बावजूद प्रशासन ने जबरदस्ती बंद करा दिया।एक अन्य मीट दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान को जबरदस्ती बंद करा दिया गया है। वहीं एक ग्राहक दिलशाद ने कहा मीट कारोबारियों की दुकानें जबरदस्ती बंद करा दी जा रही हैं। इस वजह से वे चाय बेचने को मजबूर हैं। उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
दिलशाद ने आगे कहा कि मीट दुकानें बंद होने की वजह से उनके परिवार वालों पर भी असर पड़ रहा है। बता दें कि बीते गुरुवार से मीट कारोबारी बूचड़खानों पर प्रतिबंध के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हुए हैं।
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