वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) एक ऐसी मशीन होती है जिससे निकली पर्ची यह दिखाती है कि मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है। मतदाता केवल सात सेकेंड तक इस पर्ची को देख सकता है इसके बाद यह एक डिब्बे में गिर जाती है और मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभ्यास के दौरान चाहे जो भी बटन दबाया गया उससे निकली सारी पर्चियां यह दिखा रही थीं कि वोट बीजेपी को गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि मध्य प्रदेश की मुख्य चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ने पत्रकारों को समाचार पत्रों में यह न्यूज नहीं देने वर्ना उन्हें पुलिस थाने में हिरासत में रखा जाएगा यह कहते देखा गया था। दूसरी ओर EVM मशीन में कथित गड़बड़ी वाले इस खबर पर कांग्रेस सक्रिय हो गई है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल इस मामले पर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा।
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