NSG में एंट्री भारत की उम्मीदें बढ़ी जर्मनी कर सकता है समर्थन
(DELHI, DELHI) परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की एंट्री की उम्मीद बढ़ती जा रही है। पहले जहां कुछ सदस्य देश भारत के खिलाफ नजर आ रहे थे वे अब भारत की एंट्री का समर्थन कर सकते हैं। वहीं पड़ोसी मुल्क अभी भी अपने रुख पर कायम है और भारत की एंट्री में दीवार बनकर खड़ा है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक चल रही है और इस बैठक में भारत को सदस्य बनाए जाने की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है।

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत की एनएसजी सदस्यता पर चीन अब भी समर्थन को तैयार नहीं है। भारत के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के कारण एनएसजी सदस्यता की उम्मीदें बरकरार हैं। पिछले सप्ताह अमेरिका ने भारत की सदस्यता का समर्थन दोहराया था।

चीन लगातार एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करता आ रहा है। चीन का कहना है कि जब तक भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करता तब तक एनएसजी में चीन उसका समर्थन नहीं करेगा। इससे पहले जनवरी में अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की विदाई से पहले चीन ने कहा था एनएसजी किसी देश को दूसरे देश की ओर से फेयरवेल गिफ्ट नहीं हो सकता है। चीन का इशारा साफ तौर पर कुछ दिनों बाद अपने पद से जाने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा और उनके प्रशासन की ओर था। भारत की ओर से चीन को करारा जवाब देते हुए कहा गया था कि उसे एनएसजी की सदस्‍यता की जरूरत एक गिफ्ट के तौर पर हरगिज नहीं है। बता दें कि भारत ने एनपीटी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में G-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे। उधर जर्मनी के विदेश मंत्री मार्कस ऐडरर भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर से मिलकर दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को आगे ले जाने और मई में बर्लिन में इंटर गवर्नमेंटल कमिशन की बैठक के बारे में अहम मुद्दों पर भी चर्चा की।

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) 48 देशों का समूह है। इसका लक्ष्य परमाणु सामग्री, तकनीक एवं उपकरणों का निर्यात नियंत्रित करना है। परमाणु हथियार बनाने में इस्‍तेमाल की जाने वाली सामग्री की आपूर्ति से लेकर नियंत्रण तक इसी के दायरे में आता है।पिछले कुछ दिनों से एनसीजी में भारत के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान और चीन एनएसजी में भारत के शामिल होने पर कड़ा ऐतराज जता रहे हैं।

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