कालका मेल बुधवार शाम साढ़े चार बजे इलाहाबाद पहुंची। मगर इसके बाद ट्रेन की स्थिति पैंसेजर ट्रेन से भी खराब हो गई। एक घंटे में मतलब साढ़ पांच बजे तक ट्रेन ने महज सात किमी की दूरी तय की। इससे सभी यात्री काफी परेशान थे। टीटीई और चालक से पूछने के बाद भी कोई सही जानकारी नहीं मिल रही थी।
तभी ट्रेन की इस गति से नाराज एक यात्री कमलजीत ने रेलमंत्री को ट्वीट कर दिया। यात्री के ट्वीट को संज्ञान में लेते हुए रेल मंत्रालय ने तुरंत जिम्मेदारों को समस्या से अवगत कराया। नतीजा ट्रेन की गति में अचानक सुधार हुआ और कानपुर तक की बाकी दूरी दो घंटे में ही तय कर ली। कालका मेल रात साढ़े आठ बजे कानपुर पहुंच गई।
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