अगर कोइ्र यूजर्स एक बार 10,000 लाइफटाइम व्यू के आंकड़े तक पहुंच भी जाता है तो कंपनी के नियमों के मुताबिक पहले उस चैनल्स की जांच करेगी क्या निर्माता अब इस चैनल के जरिए पैसे कमा सकता है।
उसके बाद कंटेंट का रिव्यू किया जाएगा और विज्ञापन लगाए जाएंगे। हालांकि यह पॉलिसी पहले से मौजूद पुराने चैनल्स पर लागू नहीं होगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम पायरेटेड वीडियो के जरिए पैसे कमाने वाले यूजर्स को रोकने के लिए उठाए हैं।
यूट्यूब के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के वाइस प्रेसिडेंट एरियल बार्डिन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि कुछ हफ्तों में पार्टनर प्रोग्राम के लिए एप्लाई करने वाले नए क्रिएटर्स के लिए एक रिव्यू प्रोसेस लाएंगे। जैसे ही चैनल 10 हजार व्यूज पूरे होंगे पॉलिसी के हिसाब उनकी गतिविधियों का रिव्यू करेंगे। सब कुछ ठीक रहने के बाद ही चैनल को यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा।
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