श्रम विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। साथ ही नगर विकास विभाग भी योजना को लागू करने व समन्वय के लिए लगाया गया है। राज्य सरकार गरीबों मामूली आय वालों के लिए कई ऐसी योजनाएं शुरू करने की तैयारी में है जिससे सीधा फायदा उन्हें मिले
इसमें सुबह का नाश्ता और दोपहर व रात का खाना मुख्य है। श्रम विभाग मजदूरों को 10 रुपये में दोपहर का खाना देने की योजना चला रहा है। अब वह चाहता है कि गरीबों के लिए तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर नाश्ता व दोपहर का भोजन शुरू किया जाए।
श्रम विभाग के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक गाजियाबाद लखनऊ कानपुर और गोरखपुर में इस योजना को पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है। पहले चरण में करीब 275 कैंटीन खोलने का विचार है जिस पर 153.59 करोड़ रुपये के आसपास खर्च का अनुमान लगाया गया है। नाश्ता लंच और डिनर इस कैंटीन से करेगा तो 13 रुपये खर्च आएगा। इसकी कुल लागत करीब 48 रुपये आएगी लेकिन 35 रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।
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