आडवाणी ने दिल्ली में आयोजित इंडिया फाउंडेशन अवेयरनेस प्रोग्राम के दौरान कहा कि मैं किसी देश का नाम नहीं लेना चाहूंगा लेकिन एशिया में कुछ देश ऐसे हैं निसे भारत को संबंध सुधारने की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो मुझे खुशी होगी। उन्होंने कहा कि जहां मेरा जन्म हुआ है वह सिंध है और आज वह भारत का हिस्सा नहीं है। मुझे इस बात का दुख है। इस मौके पर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना भी मौजूद थीं।
बीजेपी वयोवृद्ध नेता आडवाणी इससे पहले भी कहा चुके हैं सिंध के बिना भारत अधूरा है। आडवाणी का जन्म कराची में एक सिंधी परिवार में हुआ था। कराची के साथ आडवाणी की यादें जुड़ी है और वह उनका सबसे पसंदीद शहर है। इस बात को वह कई बार जाहिर कर चुके हैं।
आपको बता दें कि आडवाणी ने इस साल की शुरुआती महीने जनवरी में भी सिंध को याद किया था। प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु पिताश्री ब्रह्मा के 48वें अधिरोहण समारोह में आडवाणी ने अपना दुख जाहिर करते हुए कहा था कि मैं दुखी होता हूं यह सोचकर कि सिंध और कराची अब भारत का हिस्सा नहीं रहे। मेरे बचपन के दिन वहीं बीते थे। मेरा मानना है कि सिंध के बिना भारत अधूरा है।
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