पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा के ऐलान के बाद मुंबई में रह रहा उनका परिवार गहरे सदमे में है। जब मीडियाकर्मी ने उनके मुंबई स्थित फ्लैट में पहुंचकर बात करनी चाही तो परिवार वहां से किसी अज्ञात स्थान पर चला गया। दोस्तों का कहना है कि उन्हें पहले से ही शक था कि पाक जाधव का हाल भी सरबजीत जैसा ही करेगा दोस्तों ने बताया कि जाधव की पत्नी, उनकी मां, बेटा शुभांकर और बेटी भरवी रविवार को छुट्टियां मनाने पुणे से मुंबई आए थे। वे यहां हीरानंदानी गार्डन्स में सिल्वर ओक अपार्टमेंट के फ्लैट मं ठहरे हुए थे। यह फ्लैट जाधव परिवार का ही है। जाधव के पिता सुधीर जाधव और उनके चाचा सुभाष जाधव मुंबई पुलिस में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद से रिटायर हुए हैं। उनके पिता महाराष्ट्र के सांगली में रिटायर्ड जीवन बिता रहे हैं। कुलभूषण की फांसी की सजा पर मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एमनेस्टी ने कहा है कि जाधव को मौत की सजा देकर पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किस तरह उसने अंतरराष्ट्रीय मानकों का माखौल उड़ाया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आर्मी कोर्ट के फैसले की क्षमता पर भी सवाल उठाए। एमनेस्टी इंटरनेशनल के दक्षिण एशिया निदेशक बिराज पटनायक ने कहा, कुलभूषण जाधव को मौत की सजा देना दर्शाता है कि किस तरह पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की धज्जियां उड़ाई हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा, बचावकर्ताओं को उनके अधिकारों से वंचित करना और कुख्यात गोपनीय तरीके से काम कर सैन्य अदालतें न्याय नहीं करतीं बल्कि उसका मजाक उड़ाती हैं। उनकी काफी गलत व्यवस्था है जिन्हें केवल सैन्य अनुशासन के मुददों से निपटना चाहिए न कि अन्य अपराधों से।
Author: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।