हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भी राजद्रोह की शिकायत वापस ले ली है। अब अधिकारियों कहना है कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया है। छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अश्वनी कॉल ने बताया मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्र स्टेट के खिलाफ नारे लगा रहे थे। स्टेट से मेरा मतलब मानव संसाधन विकास मंत्रालय यूजीसी और पंजाब विश्वविद्यालय से था। उन्होंने कहा कि पुलिस से प्रदर्शन का विडियो देखने का अनुरोध किया गया था। हर किसी ने देखा वहां क्या हो रहा है। हमने यू-टर्न नहीं मारी है। हमने कभी नहीं कहा कि ये राजद्रोह है।
आपको बता दें कि मंगलवार को चंडीगढ़ कैंपस में वीसी ऑफिस के सामने पुलिस से प्रदर्शनकारी छात्रों की भिड़ंत के बाद 52 छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम में 22 पुलिस कर्मचारियों समेत 40 लोग घायल हुए हैं। गिरफ्तार सभी विद्यार्थियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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