बचपन में उन्हें साधु-संतों को देखना, उनसे मिलना बहुत अच्छा लगता था, वह खुद संन्यासी बनना चाहते थे। यही वजह है कि वह स्कूल के दिनों में घर से भाग गए और कई महीने तक साधु संतों के साथ घूमते रहे। PM मोदी ने अतिविशिष्ट अस्पताल का उद्धाटन किया, दिया से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में झुकाव होने से 17 साल की उम्र में उहोंने संघ ज्वाइन किया और राजनीति में आने से पहले सालों तक आरएसएस के प्रचारक रहे।
मोदी के शासनकाल में 2002 में गोधरा कांड हुआ जिसमें करीब 2000 लोग मारे गए। इसके लेकर मीडया में उनकी काफी आलोचना हुई। गोधरा दंगों के बाद मोदी को पद हटाने को लेकर पार्टी में चर्चा शुरू हुई लेकिन तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी उनके साथ दीवार बनकर खड़े रहे और मोदी सीएम बने रहे। गोधरा दंगों से उनकी छवि ऐसी बनी की अमेरिका ने वीजा देने तक मना कर दिया था। 2007 गुजरात में विधानसभा चुनाव आए और इस चुनाव में विकास के मुद्दे पर मोदी चुनाव जीतकर आए।
इसी तरह 2012 में उनके चमत्कारिक नेतृत्व से गुजरात में फिर जीत हासिल हुई और मोदी चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2014 में लोकसभा चुनाव आने से पहले मोदी ने गुजरात के विकास को इस तरह से देश और दुनिया के सामने लाए कि पार्टी ने उन्हें अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना दिया। 2014 में मोदी के नेतृत्व में भाजपा को प्रचंड जीति मिली (भाजपा -282 सीटें, एनडीए-336 सीटें)। 1984 यानी करीब 30 साल बाद किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत से जीत हासिल हुई।
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