एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार वहां के होटलों में केवल 20 फीसदी कमरे ही भरे हैं और अडवांस बुकिंग भी कम हो रही है। वहीं पिछले साल इस समय तक 70 से 80 फीसदी तक कमरे बुक रहते थे।
देश में आतंकवाद से पीडि़त राज्यों में पर्यटकों की संख्या घटी है यानी आतंकवाद का असर आम निवासियों के साथ ही पर्यटकों पर भी पड़ा है। जुलाई 2016 में संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, बाकी राज्यों में 2014 के मुकाबले 2015 में पर्यटक बढ़े, लेकिन आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जैसे जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, मिजोरम में पर्यटकों की तादाद निराशाजनक रही है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।