दौड़ने पर हुआ था अपमान 50 साल बाद की रेस पूरी
(DELHI, DELHI) 50 साल पहले बोस्टन मैराथन में हिस्सा लेने के दौरान कैथरीन स्विटजर का अपमान सिर्फ इसलिए हुआ था क्योंकि वह एक महिला होकर भी दौड़ में हिस्सा ले रही थीं। 50 साल बाद मंगलवार को उन्होंने फिर इस रेस में हिस्सा लिया और रेस पूरी की।

घटना 19 अप्रैल 1967 की है। 20 साल की कैथरीन 41.84 किलोमीटर लंबी बोस्टम मैराथन में हिस्सा ले रही थीं। वह ट्रैक पर दौड़ रही थीं, तभी उनके पीछे मैराथन के सह निदेशक जैक सैंप्ले पहुंच गए और उन्हें धकेलकर दौड़ से बाहर करने की कोशिश करने लगे। पर तुरंत दौड़ में हिस्सा ले रहे कैथरीन के ब्वायफ्रेंड भी वहां पहुंच गए। उन्होंने जैक को पीछे धकेल दिया और कैथरीन रेस पूरी करने का मौका दिया। कैथरीन ने चार घंटे बीस मिनट में रेस पूरी। यह तब की बात है जब महिलाओं को लंबी दौड़ में हिस्सा लेने के काबिल तक नहीं समझा जाता था।

इस तरह दशकों पहले कैथरीन बोस्टन मैराथन पूरी करने वाली पहली महिला बन गईं। पर बाद में जैक सैंप्ले ने कैथरीन को अयोग्य करार दिया। उन पर पुरुषों के साथ दौड़ने का आरोप लगा और साथ ही कहा गया कि उन्होंने केवी स्विटजर के नाम से दौड़ के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था जिससे उनके महिला होने का पता नहीं चलता था। 1974 में न्यूयॉर्क मैराथन जीतने के बाद कैथरीन ने ओलंपिक में महिला मैराथन को शामिल कराने के लिए अभियान छेड़ा था। इसके बाद 1984 में यह खेल ओलंपिक में शामिल हुआ।

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