जिससे इसरो के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। इसरो के रॉकेटों प्रक्षेपण यान में इस वक्त 2.2 टन तक के उपग्रह प्रक्षेपित करने की क्षमता है और यह उससे अधिक वजन के उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाने के लिए विदेशी प्रक्षेपण यानों पर निर्भर है।
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