बिहार-दरभंगा: बिजली गिरने से 28 लोगों की मौत, बिजली आपूर्ति हुयी बाधित
(Darbhanga, Darbhanga) उत्तर और पूर्व बिहार में रविवार को तेज आंधी, पानी गिरने से 28 लोगों की मौत हो गयी। दर्जनों लोग जख्मी हो गये। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तेज आंधी में सैंकड़ों घरों के छप्पर उड़ गये। जगह-जगह पेड़ उखड़ कर गिर गये। इससे कई जगह आवागमन बाधित हो गया। इससे आम-लीची के साथ-साथ मक्के की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 22 लोगों की मृत्यु हुई है। इनमें छह ठनका गिरने से मरे हैं।आंधी-पानी का सबसे अधिक असर पश्चिमी व पूर्वी चम्पारण और जमुई जिले में रहा। यहां जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पश्चिम चम्पारण में सुबह करीब नौ बजे आए आंधी-पानी से छह लोगों की जान चली गई। इसके अलावा ठनका गिरने के कारण पूर्वी चंपारण में 5, जमुई में 4, भागलपुर में तीन, दरभंगा में दो, मधेपुरा में दो, मुंगेर में दो, नवादा में एक और हाजीपुर में एक की मौत हो गई। समस्तीपुर में आंधी-पानी के दौरान सैलून संचालक समेत दो लोगों की जान चली गयी। समस्तीपुर स्टेशन रोड व माधुरी चौक पर रेलवे क्वार्टरों पर कई पेड़ गिर गये। इससे तीन क्वार्टर क्षतिग्रस्त हो गये। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़कों और एनएच पर कई जगहों पर भी पेड़ गिर गये, जिससे यातायात घंटों बाधित हो गया। दोपहर में चली तेज रफ्तार हवाओं के कारण पटना जिले के अथमलगोला रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के पास पीपल का पेड़ ओवरहेड वायर पर गिर गया जिससे ट्रेनें जहां तहां रूकी रहीं। दोपहर डेढ़ बजे हुई घटना के बाद तीन घंटे तक डाउन लाइन से ट्रेनें नहीं गुजरीं।

इधर, दरभंगा में आंधी, पानी के दौरान ठनका की चपेट में आने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में केवटी थाने के शेखपुरा दानी गांव के चरितर साह (62) व चकतपुर थाने के कटहारा गांव निवासी सुनर सदाय की पत्नी शांति देवी (45) शामिल है। वहीं कई लोग जख्मी भी हो गये। इस दौरान दर्जनों घरों के छप्पर उड़ गये। इधर, सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर, बाजपट्टी, पुपरी, चोरौत सहित कई प्रखंड क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। इस दौरान बाजपट्टी थाने के रतवारा गांव के सरेह में ठनका गिरने से भैंस चरा रही रघुनाथ दास की पुत्री सुलेखा कुमारी (16) गंभीर रूप से जख्मी हो गयीं। ठनका से भैंस भी झुलस गयीं। जख्मी को सदर अस्पताल में भत्र्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया।

मुजफ्फरपुर में कई जगहों पर पेड़ उखड़ने से सड़क व रेल परिचालन बाधित रहा। बिजली के पोल व तार टूटने से आपूर्ति ठप पड़ गई। संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा रहा है। सकरा व मुरौल में दो दर्जन घर व एस्बेस्टस के मकान ध्वस्त हो गए। आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सिहो-ढोली के बीच रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक रेल परिचालन ठप रहा। टाटा-छपरा एक्सप्रेस समेत पैसेंजर ट्रेनों को जहां-तहां खड़ा करना पड़ा। मीनापुर में कई जगहों पर तेज आंधी से पेड़ उखड़ गए। इससे प्रखंड में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। हालांकि झमाझम बारिश से गर्मी से राहत मिली है। किसान बारिश से खुश हैं। धान का बिचड़ा गिरने के लिए इससे खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है।

Author: JAN TV Editorial Team

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