भारतीय विदेश सचिव एस. जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, “मुझे लगता है कि बैठक के दौरान महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक यह रहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में शांति ही हमारे द्विपक्षीय संबंधों के आगे और विकास की शर्त है।” उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्षों के बीच विश्वास के आपसी स्तर को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए अधिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि बड़ी शक्तियों के बीच मतभेद के कई कारण होंगे और इन्हें पारस्परिक सम्मान से सुलझाया जाना चाहिए। जयशंकर ने कहा, “रक्षा और सुरक्षा कर्मियों को मजबूत संपर्क और सहयोग बनाए रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हाल ही में पैदा हुई स्थिति दोबारा न हो।
Digital Desk: Firoz Khan
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