जयपुर के करधनी थाना इलाके के सर्वोदय नगर में डूंगरराम अपने पांच सदस्यीय परिवार के साथ रहता था। पुलिस के अनुसार वह प्रॉपर्टी का काम करता था और शायद व्यापार में घाटे के कारण ही इस परिवार ने यह कदम उठाया। घटना में डूंगरराम, उसकी पत्नी सुमन, बेटी खुशी और बेटे जितेंद्र की मौत हो गई। वहीं सबसे छोटे बेटे धर्मेद्र का अस्पताल में इलाज जारी है।
डूंगरराम जयपुर में पिछले 15 साल से अपने परिवार के साथ रह रहा था। बुधवार को प़़डोस में रहने वाली डूंगरराम की बहन भंवरी देवी घर आई तो उसे डूंगरराम का घर बंद मिला। इस पर वह प़़डोसी के घर से डूंगरराम के घर की छत पर गई और घर में घुसी तो वहां का नजारा देख कर स्तब्ध रह गई। कमरे में पूरा परिवार अचेत प़़डा था और जहर की शीशियां प़़डी थीं। सबके मुंह से झाग निकल रहा था। प़़डोसियों की मदद से इन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उपचार के दौरान पति, पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई।
पुलिस को चार घंटे की तलाशी के बाद वहां एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें घाटे की बात लिखी थी और कहा गया है कि कर्ज का पैसा लौटाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। पैसा उनके पास है नहीं, इसलिए सब मिलकर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। अब पुलिस इनके मोबाइल फोन जब्त कर रिकॉर्ड खंगाल रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।