शिक्षा मित्रों को राहत 2.5 वेटेज अंक देने का फैसला प्राइमरी स्कूलों में अब शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा से
(DELHI, DELHI) उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दृष्टि से मंगलवार को कई अहम फैसले किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षा मित्रों को राहत देने के लिए उनको 2.5 वेटेज अंक देने का फैसला किया गया है। यह भी फैसला किया गया है कि प्राइमरी स्कूलों में अब लिखित परीक्षा के आधार पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। प्राइमरी शिक्षकों के एक लाख 37 हजार खाली पदों पर भी लिखित परीक्षा के आधार पर ही भर्ती होगी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत गरीबों को 25 फीसदी सीटों पर प्रवेश देने को लेकर प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा।
सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों के चयन के मापदंड में बदलाव किया गया है। इसके लिए यूपी बेसिक शिक्षा अध्यापक नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। जिसके तहत प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर की जाएगी। लिखित परीक्षा के 60 अंक और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के 40 अंक होंगे। खास बात यह है कि लिखित परीक्षा में केवल टीईटी पास ही बैठ सकेंगे।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए कैबिनेट ने शिक्षा मित्रों को प्रति वर्ष 2.5 वेटेज अंक (भार अंक) देने का फैसला किया है। पांच साल की सेवा वाले शिक्षा मित्रों को 15 नंबर दिए जाएंगे। पूरी सेवा पर कुल 25 अंकों से ज्यादा का वेटेज नहीं दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि यूपी नि:शुल्क बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है। जिसके तहत प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाएगा। 25 फीसदी गरीब छात्रों का प्रवेश कोटा प्राइवेट स्कूलों में सुनिश्चित कराया जाएगा। रेडियस क्या रहे यह सरकार तय कर रही है।
एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार इसीलिए प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर रही है जिससे सरकारी स्कूलों में नेताओं और अफसरों के भी बच्चे पढ़ सकें। हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में नेताओं और अफसरों के बच्चों के प्रवेश लेने के आदेश दिए थे। प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। जिससे बच्चों को क्वालिटी शिक्षा मिल सके। इसीलिए चयन के मापदंड में बदलाव किया है।

Author: JAN TV Editorial Team

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