कस्बे के लोगों के अनुसार यहां रहने वाले बाबू सिंह के मकान में विस्फोट हुआ, पुलिस का मानना है कि मकान के अंदर अवैध रूप से विस्फोटक जमा करके पटाखे और देशी बम तैयार किए जा रहे थे। विस्फोट इतना भयंकर था कि आसपास के महात्मा साहू, अरविन्द सैनी और वीरेन्द्र के मकान भी ढह गए। तीनों परिवारों के लोग मलबे में दब गए।
ग्रामीणों ने मलबे से दो शव निकाल लिए जिनमें से एक बाबू सिंह का बेटा नीरज भी शामिल है। एक महिला और एक बच्ची को मलबे से गंभीर रूप से घायल अवस्था में निकाला गया है जिन्हें अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस के साथ आईटीबीपी के जवान भी राहत कार्य में जुटे हैं, मलबे में अभी कितने लोग दबे हैं इसके बारे में कोई कुछ साफ नहीं बता पा रहा है। तीनों परिवारों के लोग अभी सामने नहीं आए हैं जिससे पता चल सके कि मलबे में कौन-कौन लोग दबे हैं, पुलिस अधकिकारियों ने कई लोगों के मरने की आशंका जतायी है।
बाबू सिंह जिसके मकान में विस्फोट हुआ उसका कहना है कि मकान किसी को किराए पर दे रखा था जो शायद अवैध पटाखे का कारोबार करता है। चारो तरफ बारूद की गंद फैली है। एटीएस और बम स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच चुकी है जबकि एनडीआरएफ की टीम लखनऊ से रवाना हो चुकी है। डीएम और डीआईजी भी मौके पर पहुंच गए हैं। राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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