आईवीआरएस के माध्यम से प्रतिदिन एमडीएम दूध और फल वितरण की मॉनीटरिंग की जाती है। इसमें प्रधानाध्यापक के पास प्रतिदिन फोन आता है जिसमें मांगे गए आंकड़ों को दिया जाता है। इसके आधार पर सितंबर माह के कुछ दिवसों का पूरा ब्योरा प्राधिकरण ने जारी किया है। निदेशक अब्दुल समद ने जांच के आदेश दिए हैं जिसे सभी एडी बेसिक को भेजा गया है। खाद्यान्न तक उपलब्ध नहीं प्राधिकरण के 26 सितंबर की स्थिति के अनुसार कानपुर नगर में कुल नौ में से दो ऐसे विद्यालय थे जहां खाद्यान्न नहीं पहुंचा। यहां नगरीय क्षेत्र में एजेंसियों के माध्यम से और ग्रामीण अंचल में प्रधानों के माध्यम से एमडीएम तैयार किया जाता है। कानपुर देहात में तो 89 में एमडीएम नहीं बटा जिसमें से 24 को खाद्यान्न ही नहीं मिल पाया।
नगर में दो विद्यालय ऐसे रहे जिसमें कंवर्जन कॉस्ट उपलब्ध नहीं रही। कानपुर देहात में ऐसे 41 विद्यालय थे। 27 सितंबर को कानपुर नगर में 13 और कानपुर देहात में 90 विद्यालयों में एमडीएम नहीं बटा। सूबे की स्थिति बेहद खराब प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार 26 सितंबर को कुल 1,67,998 विद्यालयों में से 1,52,678 की डिटेल मिली। इसमें से 2915 में एमडीएम नहीं बाटा जा सका। 1092 में खाद्यान्न की कमी के कारण एमडीएम नहीं बटा। 138 विद्यालयों में रसोइया नहीं थे। 27 सितंबर को 2797 में एमडीएम नहीं बटा। 1000 में खाद्यान्न नहीं था। 129 में रसोइए नहीं थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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