कलक्टर यादव का कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह दीपावली के अवसर पर पटाखे एवं आतिशबाजी चलाते समय रोगियों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों की सुविधा-असुविधाओं का ख्याल रखने के साथ इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों, नियम-कानूनों का ध्यान रखें। जितना संभव हो ग्रीन पटाखों का उपयोग करें। प्रतिबंधित क्षेत्र में एवं रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे के बीच पटाखे चलाना कानूनन निषिद्ध है। कलेक्टर यादव ने बताया कि दीपावली पर पटाखों के उपयोग को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जो एडवाइजरी जारी की गई है, वह सामान्यतः अन्य सामाजिक-धार्मिक अवसरों पर आतिशबाजी के उपयोग पर भी लागू होती हैं। उन्होंने कहा कि अधिक शोर वाले पटाखों से कई पक्षियों की जान चली जाती है। वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगियों की जान पर बन आती है।
ग्रीन पटाखों से प्रदूषण में 40 प्रतिशत की कमी
ग्रीन पटाखों के उपयोग से वायु प्रदूषण में 40 प्रतिशत की कमी आती है। ऐसे में ग्रीन पटाखों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। ग्रीन पटाखों का नया चलन होने के कारण इनकी उपलब्धता वर्तमान में कम हो सकती है लेकिन समय के साथ व्यापार बढऩे से उपलब्धता बढेग़ी।
Author: JAN TV Editorial Team
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