JDA के कागजी कारवाई के मुताबिक 296 गज के रेसीडेंशियल जमीन पर कॉमर्शियल उपयोग के हिसाब से कंस्ट्रक्शन कर लिया था, जिसे बनने के दौरान रघुवीर सैनी को फरवरी 2020 में नोटिस देकर काम रोकने के लिए भी कहा गया था।
सैनी ने बताया कि प्लॉट मालिक ने जेडीए की ट्रिब्यूनल कोर्ट से स्टे लेने के बाद इसका निर्माण जारी रखा। पिछले साल जब कोर्ट ने सील खोलने के आदेश दिए थे, तब जेडीए को बिना सूचना दिए भवन मालिक ने भवन की सील खोल दी और निर्माण पूरा कर लिया।
जेडीए के एन्फोर्समेंट विंग के चीफ रघुवीर सैनी ने बताया कि गुर्जर की थड़ी पर सुखविहार योजना के प्लॉट पर ये बिल्डिंग बनी थी। अंत में बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरफ बिखर गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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