(India)
बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान मां और बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गयी थी. पीड़ित गोपाल दीक्षित का कहना है कि, हमारे रोने-गिड़गिड़ान के बावजूद अधिकारी नहीं माने. हमनें उनसे कहा कि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी हमारा घर गिरा दिया गया. उनका यह भी कहना है कि अधिकारियों ने उनसे गाली गलौज की. वहीं आरोप यह भी है कि मौके पर गांव के ही 8-10 लोग थे जो कह रहे थे कि सबको जला दो, उनलोगों ने ही घर में आग लगा दी जिसमें मां-बेटी की जलकर मौत हो गई. पीड़ितों का कहना है कि इसमें जिले के बड़े अधिकारी शामिल हैं और हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्य विपक्षी सपा इसे लेकर सरकार को लगातार घेर रही है. नाराज परिजनों ने अब तक मां और बेटी की डेड बॉडी उठने नहीं दी है. दरअसल, कानपुर देहात में प्रशासन सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए पहुंची थी, लेकिन जिस घर को गिराया जा रहा था वो लोग खुद को आग लगाने की धमकी दे रहे थे.तभी प्रदर्शन के दौरान ही अचानक वहां पर आग लग गई, जिसमें मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई.
Author: JAN TV Editorial Team
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