(India)
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन प्रसिद्ध गीतकार गुलजार का सेशन हुआ | जहां लेखक यतीन्द्र मिश्रा की ओर से गुलजार की ऑटोबायोग्राफी गुलजार साहब पर सत्य सरन के साथ संवाद हुआ | संवाद के दौरान गुलजार ने भारत-पाक विभाजन की यादों का जिक्र किया | उन्होने कहा कि मैने 9-10 साल की उम्र में वो ट्रेजडी देखी है | मुझे उस वक्त कुछ समझ नही आया | किस तरह मेरी साथ पढने वाले लडके को मारा गया | सब्जी मंडी रोड पर लोगों को जलाया गया | लेकिन बुजुर्गाे की बातें सुनकर लग रहा था,जो भी हुआ वह सही नही है | गुलजार ने कहा कि पार्टिशन का जो मंजर देखा था वो मेरी इस जिंदगी में कभी उतर नही सकता | छोटी उम्र के बच्चें को जलाने की वो बदबू आज मेरे जहन में है | गीतकार गुलजार ने इस दौरान पाकिस्तान को लेकर एक नगमा भी सुनाया | उन्होने कहा कि पाकिस्तान मुझे पडौसी लगता है | या दूसरा कमरा लगता है | या मेरे कमरे की दूसरी खिडकी लगता है | पाकिस्तान मेरे इस कदर पास लगता है |
Author: JAN TV Editorial Team
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